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कोच्चि और मध्य केरल · Western Coastal Strip

त्योहार

त्योहारकबक्या होता है
ओणमचिंगम (अगस्त–सितंबर), दस दिनफ़सल का त्योहार और राज्य का परिभाषित अवसर — फूलों का पूक्कलम, पत्ते पर सद्या, नौका दौड़, त्रिशूर में पुलिकलि बाघ-नर्तक। इसे हर धर्म के मलयाली मनाते हैं।
त्रिशूर पूरममेडम (अप्रैल–मई)दो मंदिर पक्ष दिन-रात एक-दूसरे से होड़ करते हैं — सजे हुए हाथी, कुडमाट्टम छत्र-विनिमय, और भारत के सबसे बड़े ताल-वाद्य समूह। वडक्कुन्नाथन मंदिर के मैदान में आयोजित।
विषु14 या 15 अप्रैलमलयालम खगोलीय नववर्ष। विषुक्कणि — कोन्न के फूलों, चावल, सोने, दर्पण और देवता की दीप-प्रकाशित सज्जा — रात में तैयार की जाती है ताकि जागने पर सबसे पहले यही दिखे।
थेय्यम का मौसमदिसंबर–अप्रैलकण्णूर और कासरगोड में सैकड़ों अलग-अलग देवालय पंचांग, हर एक का अपना देवता, अपनी वेशभूषा और अपनी रात।
नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़अगस्त का दूसरा शनिवार100 फ़ुट से लंबी चुंडन वल्लम सर्पनौकाएँ, जिन पर लगभग सौ नाविक होते हैं, वंचिपाट्टु की लय पर पुन्नमड झील में दौड़ती हैं।
अट्टुकाल पोंगालकुंभम (फ़रवरी–मार्च)तिरुवनंतपुरम की सड़कों पर ईंटों के चूल्हों पर चावल का प्रसाद पकाती महिलाएँ — कहीं भी होने वाले महिलाओं के सबसे बड़े जमावड़ों में से एक।

कोच्चि और मध्य केरल का त्योहार कैलेंडर — क्या मनाया जाता है, कब पड़ता है और क्या होता है। (6)